Measels (Rubeola) – खसरा

खसरा (रूबिओला, मोर्बिली, लाल खसरा; measles) श्वसन प्रणाली का एक वायरल संक्रमण है। खसरा एक अत्यंत संक्रामक रोग है जो संक्रमित बलगम और लार के संपर्क के कारण फैलता है। संक्रमित व्यक्ति जब खांसते या छींकते हैं तो संक्रमण हवा में फैल जाता है। यह बचपन में होने वाला एक संक्रमण रोग है। खसरा, जो कि पहले बहुत आम बिमारी थी; अब खसरा वायरस वैक्सीन (टीका) रोकी जा सकती है।

आमतौर पर संक्रमण लगभग 7 से 10 दिनों में ठीक हो जाता है। खसरा वायरस कई घंटों के लिए सतह पर रह सकता है। चूंकि संक्रमित कण हवा में फ़ैल जातें हैं और सतहों पर होते हैं, इसलिए निकटता वाले व्यक्ति आसानी से संक्रमित हो सकते हैं।

खसरा के चरण – Stages of Measles (Rubeola)

संक्रमण दो से तीन सप्ताह के लिए व अनुक्रमिक चरणों में होता है।

संक्रमण और ऊष्मायन: संक्रमित होने के शुरूआती 10 से 14 दिनों के लिए, खसरा वायरस सेने की प्रक्रिया करता है। आपको इस समय के दौरान खसरे के कोई लक्षण नहीं दिखेंगे।

अनुपयुक्त संकेत और लक्षण: खसरा आमतौर पर हलके व मध्यम बुखार, लगातार खांसी, बहती नाक, आंखों की सूजन (नेत्रश्लेष्मलाशोथ) और गले में खराश के साथ शुरू होता है। यह अपेक्षाकृत हल्की/ सामान्य बीमारी दो से तीन दिन तक रह सकती है।

तीव्र बीमारी और दाने/चक्कतें: दानों में छोटे लाल धब्बे होते हैं, जिनमें से कुछ थोड़ा
ऊपर उठे हुए होते हैं। दाने व चक्कतों का समूह त्वचा पर लाल रंग के धब्बे के सामान दिखाई देता है। चेहरे पर पहले फैलता है, विशेष रूप से कान के पीछे और सिर के किनारे की तरफ। अगले कुछ दिनों में, दाने हाथों व शरीर के ऊपरी भाग पर फ़ैल जाता है और फिर जाँघों व पैरों पर। इसी समय बुखार भी तेजी से बढ़ जाता है अक्सर 104 से 105.8 डिग्री से भी ज़्यादा होता है। खसरे के दाने धीरे-धीरे चेहरे से लुप्त होना शुरू होते हैं और कम होते जाते हैं।

संप्रेषण योग्य: एक व्यक्ति जिसको खसरा हुआ है वह दूसरों को वायरस लगभग आठ दिनों तक फैला सकता है, जो दाने से चार दिन पहले शुरू होता है और दाने रहने के चार दिनों तक रहता है।

खसरा के लक्षण – Measles (Rubeola) Symptoms

वायरस के संपर्क में होने के 10 से 14 दिनों बाद खसरा के लक्षण दिखाई देते हैं। खसरे के लक्षणों में आमतौर पर शामिल हैं:_

  1. बुखार
  2. सूखी खाँसी।
  3. बहती नाक।
  4. गले में खराश।
  5. आँखों में सूजन (नेत्रश्लेष्मलाशोथ; conjunctivitis)।
  6. गाल और मुँह के अंदरूनी हिस्से में लाल सतह पर नीले-सफेद केंद्रों के साथ छोटे सफेद स्पॉट
    (दाग) – जिसे कोपलिक स्पॉट भी कहते हैं।
  7. त्वचा पर एक प्रकार के चक्कते (दाने) जो कि बड़े और सपाट ददोरे व धब्बों से बनते हैं
    और अक्सर एक दूसरे में प्रवाह करते हैं।

खसरा के लक्षण उसके चरण पर भी निर्भर करते हैं।

नोट- १. टीकाकरण के समय बच्चे खाली पेट न हो। इस लिए कुछ नाश्ता एवं पानी अवश्य पिलाएं।

. बच्चा किसी दूसरी बिमारी से पिडित न हो।

Advertisements

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

search previous next tag category expand menu location phone mail time cart zoom edit close